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ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने वाला गिरोह पकड़ा गया: ₹500 प्रति सवाल में चल रहा था बड़ा खेल

09 Apr 2026

देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की बढ़ती संख्या और ऑनलाइन एग्जाम सिस्टम के कारण अब नकल के तरीके भी हाई-टेक हो गए हैं। हाल ही में दिल्ली में एक बड़े ऑनलाइन परीक्षा नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पूरे सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस गिरोह ने तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए छात्रों को पैसे लेकर पास कराने का नेटवर्क तैयार कर रखा था। पुलिस ने इस मामले में सरगना समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच लगातार जारी है।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम को सूचना मिली थी कि द्वारका इला के में एक फ्लैट से ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने का अवैधधंधा चल रहा  है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा और मौके से कई संदिग्ध लोगों को पकड़ा।

जांच में पता चला कि यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने का काम कर रहा था।इस ऑपरेशन में सरगना समेत करीब 32 लोगों को हिरासत में लिया गया।

कैसे होता था नकल का पूरा खेल?

यह गिरोह हाई-टेकसॉफ्टवेयर और रिमोटएक्सेस तकनीक का इस्तेमाल करता था।

  • आरोपी परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर सिस्टम को रिमोटएक्सेस के जरिए कंट्रोल कर लेते थे
  • बाहर बैठे एक्स पर्ट (सॉल्वर) प्रश्नों के जवाब हल करते थे
  • परीक्षार्थी के कंप्यूटर स्क्रीन पर सीधे उत्तर दिखाए जाते थे
  • कुछ मामलों में दूसरे छात्रों को परीक्षा देने के लिए बैठाया जाता था

पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था और इसमें कई राज्यों के छात्र शामिल थे।

500 से ₹1000 प्रति सवाल का रेट

इस गिरोह का कमाई का तरीका भी बेहद चौंकाने वाला था।

  • प्रत्येक सवाल के लिए ₹500 से ₹1000 तक वसूले जाते थे
  • पूरी परीक्षा पास कराने के लिए लाखों रुपये लिए जाते थे
  • कम जोर छात्रों को टारगेट कर उन्हें पास कराने का लालच दिया जाता था

इस तरह यह गिरोह हर परीक्षा से मोटी कमाई कर रहा था।

टॉप कॉलेजों के छात्र भी थे शामिल

जांच में सामने आया कि इस रैकेट में देश के कई प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों के छात्र भी शामिल थे।

  • इन्हें “सॉल्वर” के रूप में इस्तेमाल किया जाता था
  • ये छात्र बाहर बैठ कर प्रश्न हल करते थे
  • बदले में इन्हें मोटी रकम दी जाती थी

इससे यह साफ होता है कि यह सिर्फ एक छोटा गैंग नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क था।

सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल

इस गिरोह ने आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल कर सिस्टम को ही हैक करने जैसा काम किया।

  • रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर
  • स्क्रीन शेयरिंग टूल
  • फर्जी आईडी और लॉगिन
  • डिजिटल नेटवर्क के जरिए कंट्रोल

ऐसी तकनी कों का उपयोग कर यह गिरोह परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठा रहा था।

फर्जी आईडी और एडमिट कार्ड का इस्तेमाल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे।

  • फर्जी एडमिट कार्ड बनाए जाते थे
  • असली उम्मीदवार की जगह दूसरा व्यक्ति परीक्षा देता था
  • पहचान छुपाने के लिए डिजिटल हेर फेर किया जाता था

यह तरीका पहले भी कई बड़े एग्जाम स्कैम में सामने आ चुका है।

देश भर में फैला था नेटवर्क

यह गिरोह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ था:

  • उत्तरप्रदेश
  • बिहार
  • राजस्थान
  • हरियाणा
  • उत्तराखंड

पुलिस को शक है कि यह गिरोह कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी सक्रिय रहा है।

 ⚖पुलिस कार्रवाई और जांच

पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

  • धोखाधड़ी
  • आईटीएक्ट के तहत अपराध
  • आपराधिक साजिश

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:

  • किन-किन परीक्षाओं में इस गिरोहने सेंध लगाई
  • कितने छात्रों को गलत तरीके से पास कराया गया
  • कितनी रकम का लेन-देन हुआ

⚠ पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे घोटाले

भारत में परीक्षा घोटाले कोई नई बात नहीं हैं।

  • व्यापम घोटाला
  • पेपर लीक मामले
  • ब्लूटूथ डिवाइस से नकल

हाल ही में राजस्थान और अन्य राज्यों में भी ऐसे कई गिरोह पकड़े गए हैं, जो हाई-टेक तरीकों से नकल करा रहे थे।

सरकार ने सख्त किया कानून

ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 लागू किया है।

इस कानून के तहत:

  • पेपर लीक और नकल पर सख्त सजा
  • संगठित गिरोह पर भारी जुर्माना
  • जेल की सजा का प्रावधान

अब परीक्षा में धोखाधड़ी करना पहले से कहीं ज्यादा जोखिम भरा हो गया है।

 छात्रों के लिए जरूरी चेतावनी

अगर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • शॉर्टकट अपनाने से बचें
  • किसी भी एजेंट या गिरोह के झांसे में न आएं
  • ऑनलाइन एग्जाम में संदिग्ध गतिविधि से दूर रहें
  • पकड़े जाने पर करियर हमेशा के लिए खत्म हो सकता है